Showing posts with label दो लाइन. Show all posts
Showing posts with label दो लाइन. Show all posts

Thursday, April 7, 2016

आसान सूद

जिन्दगी को आसान सूद पर रखा हैं
बार -बार ये न पूछो अब क्या होगा

Sunday, August 23, 2015

क्षणिकाएँ

खामोशी जलाती है.
कुछ नहीं मिल रहा है
न दर्द न प्रेम
अब कविता कैसे लिखूं
*********************************
शोर बहुत है आसपास
बस तू ज़रा बोल दे.
खामोशी का शोर दिल तक
जाता है
******************************
लोग जाने क्या मुट्ठी में
दबाए घूमते है??
समुंदर,एक हथेली भर खारा पानी
*******************************
लो फिर आ गया दर पर
जितना जीना का सोचता है
उतनी ही प्यास बडती है.
ज़िंदगी बुझ रही है, प्यास में
***************************************
हज़ार इलाज़ लिए ज़िंदगी
जीने के , हज़ार वैद से
मिले ,पर किसी ने बुद्ध
बनने की दवा न दी
********************************
सुना है बड़े संजीदा है लोग
अपनी अपनी मुहब्बत लेकर
दिल फिर भी कई
कहानियो से गुलज़ार है
*****************************
जब कुछ न हो कहने को तो
अपना ही किस्सा कह देते हैं
दुनियाँ का एक साज़ो सामान
आख़िर मैं भी तो हूँ
***************************************
चलो अब दर्द की गुहार ज़्यादा
न करो कुछ और लिखते है
आओ प्रेम प्रीत की बात करे
फिर बुद्ध हो जाए

Tuesday, April 14, 2015

यूँ ही दिल की आवाज़

मैं बिक  ही जाता हूँ अल्फाज़ो  से
पूरी दुनियाँ में ,पर जौहरी कौन
जो हीरे की पहचान करे  ??

********************

सभी रखते है जेब में आइना
बात तो तब है जब सूरत न
देख ,सीरत देखा करे

*****************************

आते है सभी मुझे मुहब्बत का सबक
सिखाने , शागिर्द बन जाऊं , जो चुपचाप
 से  कोई मुहब्बत करे
***************

जो जुबान खोलूं तो बुरा
जो जुबान  बंद  रखूं तो बुरा
अब  तुम्हीं बताओ किस
 ताले में रखूं जुबान
*************

दिल  जो रखा हाथों में
तो गेंद से उछालते रहे
वापस मांगी  जो शय अपनी
तो वो जुदा से रहने लगे

*************************
सभी के लबो पर शिकवा सा
ठहरा है , मुहब्बत तेरे होने की
इतनी पैरवी कोई  क्यों करे ??  

Friday, October 3, 2014

हाल

ये अजीब सा हाल कर गये हो तुम
कहा था संतूर की तारो पर नया चित्र रंगने को 
पानी की तरंगो पर कौनसा नया राग छेड़ दिया

Monday, August 4, 2014

आप मुझसे मिज़ाजे ए हाल न पूछा करे
मैने  उँगली थाम रखी है ज़िंदगी की

Wednesday, April 4, 2012

फूँक दो मुझ पर कोई ऐसा जादू टोना
न कल ,न आज ,न कल रहे बाकी ..