Saturday, September 8, 2012

राज़






जानती हूँ, तेरे दिल का रास्ता
तेरी आँखों के पुल से होकर
मेरे दिल से जुड़ जाता है
कुछ इस तरह से तुम मुझे
हर लम्हा याद करते  हो
की मिलो की दूरी एक क्षण की
लगता है जैसे अभी घर के ,
किसी कोने से तुमने मुझे
कहा " सुनो न, याद आ रही है तेरी"

फकत ये दो जिस्मो की बात नहीं
ये राज़ तो कोई गहरा है.............

Wednesday, June 20, 2012

मेरा सौदा

सुबहा सुबहा वक़्त
खुद का सौदा करने
आ खड़ा होता है दर 
पर मेरे .. 
खुद को मेरे हाथ
में रख,मेरा जुनून,
कीमत में माँगता
है और हर बार मुझसे 
शर्त लगता है की वो 
खुद को बेच कर ही 
जाएगा और खुद की 
मनचाही कीमत
भी मुझसे ले जाएगा....

में हर बार उसकी बातो में आकर
उसे खरीद लेती हो पर कीमत
किश्तो में देती हूँ..........

Tuesday, May 29, 2012

उलझन

उलझन में है मन मेरा
की रहा दिखे ना ..मन को
कैसे बहलाओ ..की ख़यालो
की माला मन से छुट्त ना ..
दामन थाम मेरा ...........
आ घुस बैठे है ..............
घुसबैठिए ...................की
कोई तरकीब कहो....कैसे
छोड़ आओ चोकट के पार
तिनको..........चंचल हो मन
हवा से बहता जाए.....बयार
को कैसे बांधो की वो ......
मेरी आँगन की हो जाए |||

Sunday, May 20, 2012

ज़िंदगी,चन्द टेडी मेडी लहरे
बनकर हाथो में सिमटती है

समुंदर हथेली भर का .....